Dr Satinder Singh Noor-on Paash and Patar

 

पंजाबी कविता का स्थान कहानी ने लिया : डा. नूर

शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) ; मुकंदपुर के अमरदीप सिंह शेरगिल मेमोरियल कालेज में दो दिवसीय सेमिनार करवाया गया। इस सेमिनार में भारतीय साहित्य अकादमी के उपाध्यक्ष व पंजाबी साहित्य तथा आलोचना के अग्रणी चिंतक डा. सतिंदर सिंह नूर ने पंजाबी साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में साहित्य में पंजाबी कविता का स्थान पंजाबी कहानी ने ले लिया है। उन्होंने कहा कि पाश व पात्र के अलावा कोई और योग्य व समर्थ कवि नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि अनेकों कवि पाश व पात्र जैसी कविताएं लिखने का प्रयास कर रहे है, परंतु उनके लिए पाश व पात्र बनना बेहद मुश्किल है। डा. नूर ने कहा कि एक कवि को योग्य कवि का खिताब हासिल करने के लिए विचारों में धनी व अमीर अनुभव का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कविता लेखन संबंधी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कविता में अलंकारिक भाषा का इस्तेमाल काफी नहीं है, बल्कि कविता सरल होने के साथ-साथ बहु सतही होनी चाहिए। डा. नूर ने साहित्यकारों में बढ़ रही गुटबाजी को भी दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने पाकिस्तान साहित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति से जुड़ा तो हुआ है, मगर वहां का लेखक आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने में असमर्थ है, जो दुर्भाग्य की बात है। सेमिनार के दूसरे दिन डा. नूर कालेज के एमए पंजाबी व बीए के विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान डा. नूर के साथ विशेष रूप से आए जसवंत जफर ने विद्यार्थियों के समक्ष अपनी कविताएं भी पेश की। इस अवसर पर कालेज पि्रंसिपल डा. अमरजीत सिंह के अलावा पंजाबी विभाग के मुखी डा. गुरजंट सिंह व स्टाफ उपस्थित थे।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: