पाश पुस्तकालय

ज्ञान की धार पैनी

 करने पहुंचते पुस्तकालय

Jun 04, 2010

करनाल, जागरण संवाद केंद्र : कर्ण नगरी में पुस्तक प्रेमियों की बड़ी तादाद है। इन दिनों भीषण गर्मी में भी शहर के दो प्रमुख पुस्तकालयों में पाठक खासी संख्या में दिखाई दे जाएंगे। कोई अपनी साहित्यिक प्यास बुझाने आता है, तो कोई प्रतिस्पर्धा के युग में ज्ञान की तलाश में पुस्तकालयों की ओर खींचा चला आता है। उन पुस्तकालयों में ज्ञानवर्धक पुस्तकों की भरमार है। हिंदी साहित्य के कार्मिक विकास से लेकर आधुनिक साहित्य तक की पुस्तकें उन पुस्तकालयों में उपलब्ध हैं।

गर्मियों की छुट्टियों में ज्यादातर छात्र ठंडे इलाकों में जाकर मौज-मस्ती से समय व्यतीत करते हैं। बृहस्पतिवार दोपहर पुलिस लाइन स्थित पाश पुस्तकालय में 40 बच्चे किताबों के संसार में खोए थे। उमस भरी गर्मी में लोग वातानुकूलित कमरों में आराम करते हैं, जबकि ये बच्चे अपनी ज्ञान पिपासा बुझाने के लिए पुस्तकालयों की ओर खींचे चले आए। उनमें कोई सिविल सर्विस, तो कोई सीए की तैयारी कर रहा है। साहित्य प्रेमी अपनी साहित्यिक प्यास बुझाने पुस्तकालय आते हैं। पाश पुस्तकालय के संचालक राजीव रंजन ने बताया कि पुस्तकालय में करीब 10 हजार पुस्तकें उपलब्ध हैं। छह सौ के करीब नियमित पाठक हैं। यहां सौ सालों में खड़ी हिंदी बोली में जो महत्वपूर्ण लिखा गया, उसकी सभी कृतियां उपलब्ध हैं। जितने भी प्रसिद्ध लेखक, जो भारतीय साहित्य के निर्माता कहे जा सकते हैं, उनकी कृतियां यहां पाठकों को मिल जाएंगी। नई पीढ़ी को हिंदी का साहित्यिक संस्कार देने वाली पत्रिकाओं के समस्त अंक उपलब्ध हैं। दुनिया की महत्वपूर्ण कृतियों का हिंदी अनुवाद मिलेगा। बाल साहित्य में एनबीटी, सीबीटी, एनसीईआरटी जैसे प्रकाशनों की बच्चों को समर्पित कृतियां उपलब्ध हैं। आडियो विजुअल सेक्शन में समय-समय पर साहित्य कृतियों पर बनी फिल्में दिखाई जाती हैं। पाश पुस्तकालय साहित्य की प्यास बुझा रहा है। ज्ञान की दुनिया को आम लोगों तक पहुंचाना पुस्तकालय का धर्म है और इसी उद्देश्य से काम किया जा रहा है।

सेवानिवृत्त इंजीनियर सीपी दीवान कहते हैं कि उन्हें हिंदी साहित्य पढ़ने का शौक है। समाज की व्यवस्था में जो बदलाव हो रहे हैं या जो नहीं हुए। पुरातन संस्कृति का ज्ञान जानने, देश की आजादी, क्रांतिकारियों की कुर्बानी जिसे आज युवक भूल रहे हैं। ये सब जानने के लिए पुस्तकालय जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पाश पुस्तकालय में जो ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध हैं उसके लिए हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी बधाई के पात्र हैं।

जरनैली कालोनी स्थित प्रताप पब्लिक लाइब्रेरी में सात हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं। लाइब्रेरियन रेनू अरोड़ा ने बताया कि रोजाना सौ से अधिक पाठक यहां आते हैं। पाठकों की मांग पर हर तरह की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं।

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